बेटियों ने दिया मां की अर्थी को कंधा, निभाया बेटे का फर्ज
आज
समाज में जहां हर कोई बेटों की ही चाहत रखता है कि हमारे घर लड़का ही हो जो
हमारे बुढ़ापे में हमारा सहारा बने। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम
रहीम सिंह जी इन्सां ने इस रूढ़ीवादी सोच को बदलते हुए बेटा-बेटी एक समान
मुहिम की शुरूआत की। इसी मुहिम का असर गत दिनों
नागपुर में देखने को मिला
जहां एक बेटी ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। संवाददाता से बात
करते हुए 25 मैंबर रघुबीर इन्सां ने बताया कि बहन प्रमिलारम्भाड इन्सां ने
एक बेटी होने का फर्ज अदा करते हुए अपने मां-बाप को संभाल की और गत दिनों
उनकी माता कौशल्या बाई वरुड़कर जब श्वासों रूपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के
चरणों में सचखंड जा विराजी तो प्रमिला इन्सां व उनकी बहन निर्मला इन्सां ने
उनकी अर्थी को कंधा व मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज अदा किया। बता दें कि
माता जी भंगीदास संजय इन्सां की नानी सास थी। वहीं पूज्य गुरु जी इस मुहिम
की समाज के गणमान्य लोगों ने सराहना भी की।

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