बींझबायला में माता रेशमा देवी की देहदान
कुछ लोग जीते जी जहां मानवता की सेवा में अग्रणी रहते हैं वहीं मरणोपरांत भी ऐसा काम कर जाते हैं जोकि मानवता के काम आने के साथ साथ मरने के बाद भी आमजन के लिए मिशाल बन जाती है। इसी कड़ी में ब्लॉक श्रीगुरूसरमोड़िया की मण्ड़ी बींझबायला निवासी सोनी परिवार ने मरणोपरांत अपनी माता रेश्मा देवी का शरीरदान कर अनुकरणीय कार्य की मिशाल पेश की है। ज्ञातव्य है कि बींझबायला निवासी सरकारी अध्यापक के पद पर सेवाएं दे रहे अशोक सोनी इन्सां की माता रेश्मा देवी इन्सां धर्मपत्नी मास्टर कृष्ण लाल सोनी अपने स्वासों रूपी पूंजी को पूरा करते हुए गुरुवार को मालिक के चरणों में सचखण्ड जा समाई। उनकी अन्तिम इच्छा को देखते उनके पुत्र अशोक इन्सां ने उनका शरीर मेडीकल कार्यों में रिसर्च हेतु डॉ.एस.एस. टांटिया मेडिकल हास्पिटल व रिसर्च सैन्टर श्रीगंगानगर को दान कर दिया।
जिस पर अब डॉक्टर का कोर्स कर रहे छात्र-छात्राएं अनुसंधान कर सकेंगे। माता की अर्थी को उनकी बेटियों निर्मला इन्सां व सन्तोष इन्सां ने कंधा दिया। वहीं मण्ड़ी के मुख्य मार्गों से उनकी दधीचि निकाली गई। इस दौरान माता रेश्मा इन्सां अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा, माता रेश्मा इन्सां का नाम रहेगा के नारों से आसमान गुंजायमान हो गया।
यह बींझबायला का तीसरा शरीरदान हैं। इस अवसर पर ब्लॉक श्रीगुरूसर
मोड़िया के पन्द्रह मैम्बर सोहन सिंह इन्सां, राजेंद्र कम्बोज इन्सां,
सुखनिन्द्र सिंह इन्सां, गुरनाम सिंह इन्सां, प्रकाश इन्सां, ब्लॉक भंगीदास
अमरजीत सोनी इन्सां, गुरदयाल इन्सां, राकेश बिलन्दी इन्सां, साहिल बिलन्दी
इन्सां, सुखदेव सिंह इन्सां, साहबराम छिम्पा, बहन सुमन बिलन्दी इन्सां,
पूजा चावला इन्सां, सुमन रस्सेवट इन्सां, संतोष कटारिया इन्सां सहित कई
नागरिक उपस्थित रहे।

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