Wednesday, September 29, 2021

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 मरकर भी इंसानियत के काम आए   धर्मपाल गिरधर इन्सां
 सरसा। लेकर कहां कुछ वापिस जाना है, यह शरीर भी अब    दान है, यह शरीर भी अब दान है...। जी हां डेरा सच्चा सौदा की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए डेरा अनुयायी इन पंक्तियों को वास्तविक अर्थों में चरितार्थ कर रहे है। इसी कड़ी में गत दिवस ब्लॉक सरसा के अनथक सेवादार एवं 15 मैम्बर हैप्पी गिरधर इन्सां के पिता धर्मपाल गिरधर इन्सां (62) अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूरी करके कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। उनके मरणोपरांत उनके पारिवारिक सदस्यों ने उनकी पार्थिव देह को मेडिकल रिसर्च के लिए उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित गजरौला मेडिकल कॉलेज को दान किया गया। जबकि उनकी आंखें शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान की गई। उनके इस पुनित कार्य की समस्त मौहल्लावासियों ने सराहना की है।
            दरअसल कीर्ति नगर निवासी सरसा ब्लॉक के 15 मैम्बर हैप्पी गिरधर इन्सां व नरेश गिरधर इन्सां के पिता धर्मपाल गिरधर इन्सां ने पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए मरणोपरांत शरीरदान व नेत्रदान का लिखित में संकल्प लिया हुआ था। गत दिवस उनके सचखंड विराजने के पश्चात उनके बेटे हैप्पी गिरधर इन्सां व नरेश गिरधर इन्सां ने सचखंडवासी की
अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनकी पार्थिव देह को मेडिकल शोध कार्यो के लिए दान किया। वहीं उनकी आंखें शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान की गई। जहां वह किन्ही दो अंधेरी जिंदगियों को रोशन करने का काम करेगी।

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