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Thursday, September 30, 2021
भट्टू के गांव जांडवाला में टूटा सेमनाला,
सैकड़ों सेवादारों ने प्रशासन के साथ मिलकर भरी दरार
शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग ने डूबने से बचाया गाँव
भट्टू। ‘‘जीना तो है उसी का, जिसने ये राज जाना। है काम आदमी का औरों के काम आना।’’ इन पंक्तियों को डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हर कदम पर सार्थक सिद्ध कर रहे हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा दिखाए गए मानवता भलाई के मार्ग पर ये लोग निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में फतेहाबाद के भट्टू ब्लॉक के गांव जांडवाला में सेम नाला टूटने पर गाँव पर डूबने का खतरा पैदा हुआ। जैसे ही ये बात सेवादारों को पता चली तो वे सैकड़ों की संख्या में तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कड़ी मशक्कत के बाद सेम नाले में आई हुई दरार को भर दिया और गांव को डूबने से बचा लिया।
जानकारी के अनुसार भट्टू के गांव जांडवाला से होकर बहने वाले सेम नाले में वीरवार को अचानक दरार आने पर टूट गया। देखते ही देखते पानी के तेज बहाव के चलते खेतों में पानी भर गया। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि पानी खेतों से होकर गांव की ओर बढ़ने लगा था। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और कर्मचारी दरार भरने में जुट गए। लेकिन बात नहीं बनी। तभी डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादारों को जैसे ही इस बारे में पता चला तो ब्लॉक के जिम्मेवारों के साथ सैकड़ों सेवादार मौके पर पहुंचे और प्रशासन के साथ मिलकर सेमनाले में आई दरार को भरने के कार्य में जुट गए। सेवादारों के बेमिसाल ज़ज्बे और बुलंद हौंसलों की बदौलत कुछ घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पानी के तेज बहाव के बीच दरार को मिट्टी के कट्टों और लोहे की जाली की मदद से भर दिया गया। तब जाकर प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस पर ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन ने डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों का तहेदिल से धन्यवाद किया।
Wednesday, September 29, 2021
अलवर । डेरा सच्चा सौदा सिरसा सेवादार ने श्वान की देखभाल कर अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। जानकारी के अनुसार अलवर शहर निवासी प्रेमी संजय गंगावत इन्सां ने अपने घर के पास एक कुत्तिया को देखा। कुत्तिया ने कुछ समय पहले ही बच्चों को जन्म दिया था जिसके कारण वह कमजोर हो गई और दर्द से कराह ही थी। प्रेमी संजय इन्सां से उसकी पीड़ा देखी नहीं गई और इसके चलते उसने उसे दूध में दलिया बनाकर खिलाया। इस कार्य को जिसने भी देखा सभी ने सरहाना की।
जरूरतमंद को प्लाज्मा दान
अलवर । डेरा सच्चा सौदा सरसा के सेवादार ने प्लाज्मा डोनेट कर एक मरीज के इलाज में सहयोग किया। जानकारी के अनुसार बरखेड़ा निवासी शिवदयाल के इलाज के लिए चिकित्सकों की ओर से प्लाज्मा की आवश्यकता जताई गई। सूचना मिलने पर अपने पूज्य गुरु डॉक्टर संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए अर्जुन इन्सां व अजय पाल इन्सां सोनिया अस्पताल अलवर पहुंचे। डॉक्टर द्वारा एक यूनिट की मांग होने पर अजय ने प्लाज्मा डोनेट किए। मरीज शिवदयाल के पिता ने इसके लिए डेरा सेवादारों व पूज्य गुरुजी का कोटि-कोटि आभार जताया।
जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरण
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संगरिया । नामचर्चा घर
में आयोजित ब्लॉकस्तर की नामचर्चा में ब्लॉक की साध-संगत द्वारा एक दिन का
व्रत रखकर लगभग 8 जरूरतमंद परिवारों को राशन बांटा गया। ब्लॉक भंगीदास
कृष्ण सोनी इन्सां ने बताया कि आज संगरिया नामचर्चा घर में प्रात: 10 से
11 बजे तक नाम चर्चा का आयोजन किया गया व इस दिन पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत
राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से साध-संगत द्वारा 1 दिन का
उपवास रखकर फूड बैंक के माध्यम से अति जरूरतमंद 8 परिवारों को राशन वितरित
किया गया। नाम चर्चा के दौरान ब्लाक भंगीदास कृष्ण सोनी इन्सां ने पूज्य
गुरू जी के पावन मार्गदर्शन में डेरा
सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई के 135 कार्यों में साध-संगत बढ़
को चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर 45 मेंबर कमेटी सेवादार
बहने शकुंतला इन्सां, चंद्रमुखी इन्सां, 15 मेंबर कमेटी सेवादार भोला सिंह
इन्सां, सुभाष इन्सां, लालचंद इन्सां, विजय सचदेवा इन्सां, पूरन चंद
इन्सां, यादविंदर इन्सां, केवल कृष्ण चिलाना इन्सां, राज ओमप्रकाश बुडानिया
इन्सां, संजय इन्सां आदि मौजूद थे।
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सरसा। लेकर कहां कुछ वापिस जाना है, यह शरीर भी अब दान है, यह शरीर भी अब दान है...। जी हां डेरा सच्चा सौदा की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए डेरा अनुयायी इन पंक्तियों को वास्तविक अर्थों में चरितार्थ कर रहे है। इसी कड़ी में गत दिवस ब्लॉक सरसा के अनथक सेवादार एवं 15 मैम्बर हैप्पी गिरधर इन्सां के पिता धर्मपाल गिरधर इन्सां (62) अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूरी करके कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। उनके मरणोपरांत उनके पारिवारिक सदस्यों ने उनकी पार्थिव देह को मेडिकल रिसर्च के लिए उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित गजरौला मेडिकल कॉलेज को दान किया गया। जबकि उनकी आंखें शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान की गई। उनके इस पुनित कार्य की समस्त मौहल्लावासियों ने सराहना की है।
दरअसल कीर्ति नगर निवासी सरसा ब्लॉक के 15 मैम्बर हैप्पी गिरधर इन्सां व नरेश गिरधर इन्सां के पिता धर्मपाल गिरधर इन्सां ने पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए मरणोपरांत शरीरदान व नेत्रदान का लिखित में संकल्प लिया हुआ था। गत दिवस उनके सचखंड विराजने के पश्चात उनके बेटे हैप्पी गिरधर इन्सां व नरेश गिरधर इन्सां ने सचखंडवासी की
अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनकी पार्थिव देह को मेडिकल शोध कार्यो के लिए दान किया। वहीं उनकी आंखें शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान की गई। जहां वह किन्ही दो अंधेरी जिंदगियों को रोशन करने का काम करेगी।
जैतसर। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरू
जी इन्सां द्वारा बेटियों को सामान हक दिलवाने के लिए समाज की रीत के विपरीत नये आयाम स्थापित किए है। जिसके चलते बेटियां अपने परिजनों को कंधा देने का हक पाने में सफल रही है। आज इसी कड़ी में गांव के 105 वर्षीय प्रहलाद राम के स्वर्गवासी होने पर उनकी बेटियों, पौत्रियों ने कंधा देकर अपना फर्ज अदा किया।
राजकीय औषधालय के वरिष्ठ कंपाउंडर कोजारात गरूड़ा उर्फ अच्छा राम इन्सां व भोमाराम गरूड़ा इन्सां, अहदाबाद स्टेशन के निदेशक सीआर गरूड़ा के पिता प्रहलाद राम गरूड़ा का मंगलवार को स्वर्गवास हो गया। जिनका अंतिम संस्कार सायं को स्थानीय कल्याण भूमि में किया गया। इस दौरान अर्थी को कंधा देने की बारी आई तो अपने परिजनों के साथ बेटियों व पौत्रियों ने भी कंधा दिया। प्रहलाद अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए है।
Tuesday, September 28, 2021
Monday, September 27, 2021
ब्लॉक बठोयी-डकाला के डेरा श्रद्धालुओं ने बनाकर दिया ‘आशियाना’
पटियाला। जब आसमान में काले बादल मंडराने लगते तो भुपेन्द्र सिंह का दिल खस्ताहालत मकान की छत और दीवारों को देख सहम जाता। उसे हर समय अपने मकान की दयनीय हालत देखकर डर सताता रहता कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाये। इस बात का पता जब ब्लॉक बठोयी -डकाला की साध-संगत को चला तो समूह साध-संगत ने भुपेन्द्र सिंह को नया मकान बनाकर देने का बीड़ा उठाया और केवल दो दिनों में नया मकान बना तैयार कर दिया गया। इस संबंधी जानकारी देते जिम्मेदार 15
हरजिन्दर सिंह इन्सां, राम कुमार इन्सां ने बताया कि ब्लॉक बठोयी -डकाला अधीन आते गांव शेर माजरा का भुपेन्द्र सिंह जो कि बहुत ज्यादा गरीबी की हालत में जीवन बसर कर रहा था और इसके घर की हालत बहुत ज्यादा दयनीय बनी हुई थी।
मकान की दीवारें और छत गिरने को थी और किसी समय भी कोई भयानक हादसा घट सकता था, जिसेदेखते हुए गांव शेर माजरा के जिम्मेवारों ने ब्लॉक के जिम्मेवारों से बात की और विचार-विमर्श करने के बाद उक्त जरूरतमन्द परिवार की मदद करने का बीड़ा उठाया गया। इस मौके साध-संगत का सेवा करने का जज्बा काबिले तारीफ था, हर कोई एक-दूसरे से आगे बढ़ कर सेवा कर रहा था। साध-संगत गर्मी की परवाह किये बिना पूरे दो दिन सेवा कार्यों में जुटी रही और साध-संगत ने केवल दो दिनों में मकान बनाकर तैयार कर दिया। साध-संगत द्वारा किये जा रहे कार्य की समूह ग्रामीणों की तरफ से भरभूर प्रशंसा की गई और हर कोई कह रहा था आज के समय में जब इन्सान की अपनी, जरूरतें पूरी नहीं होती और वहीं साध-संगत का दूसरों की मदद के लिए आगे आना अपने आप में एक मिसाल है।
Sunday, September 26, 2021
डेरा प्रेमियों ने ग्रामीण क्षेत्र में संकट की घड़ी में पहुंचकर बचाई लोगों की जान, नहर में आई दर को किया बंद
नाथूसरी चोपटा । डेरा सच्चा सौदा के गुरू जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए एक बार फिर डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग फरिश्ता साबित हुई। दरअसल चोपटा क्षेत्र से गुजरने वाले हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन शनिवार को गांव शाहपुरिया के पास टूट गई थी। ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद दरार भरी नहीं जा सकी। इस दौरान तेज बहाव के चलते पानी खेतों से होते हुए गाँव शाहपुरिया के आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच गया। इसके पश्चात प्रशासन को सहयोग देने के लिए देर शाम डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सैंकड़ों सेवादार मौके पर पहुंचे व प्रशासन कर्मियों के साथ दरार भरने में जुट गए। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिर डेरा अनुयायियों ने रविवार को दरार को भर दिया, तब जाकर ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
Saturday, September 25, 2021
सिरसा के पास एक गांव में नहर में आई दरार, एक आवाज पर पहुंचे सैकड़ों सच ...
विधवा महिला शिमला देवी को मिलेगा आशियाना
डेरा सच्चा सौदा की पवित्र शिक्षाओं पर चलते हुए महा परोपकार माह में गांव तलबाड़ा खुर्द की जरूरतमंद विधवा महिला को आशियाना बना कर देने की शुरुआत शनिवार सुबह स्थानीय ब्लॉक की साध-संगत द्वारा विनती शब्द बोल कर शुरू की। इस संबंधी जानकारी देते 25 मेंबर जोधाराम इन्सां ने बताया कि गांव तलबाड़ा खुर्द की साध-संगत ने बताया था कि उनके गांव की निवासी विधवा महिला शिमला देवी अति खस्ताहालत घर में जीवन गुजार रही है। जिसका हर समय गिरने का डर बना हुआ है। बरसात के मौसम दौरान तो शिमला देवी की चिंता और भी अधिक बढ़ जाती है क्योंकि बरसात से मकान पानी के साथ भर जाता था व छतें रिसने लग जाती है। जिस कारण घर का सारा सामान खराब हो रहा है। गरीबी, महंगाई व कोई सहारा न होने के कारण शिमला देवी अपना घर बनाने में असमर्थ हैं। इस संबंध में जब डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत को जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत पूज्य गुरु की पवित्र शिक्षाओं पर चलते हुए शिमला देवी को दो कमरे, एक रसोई व लेट्रिन बाथरूम बना कर देने का फैसला लेकर शनिवार को इस पर कार्य शुरू कर दिया। इस मौके राजकुमार इन्सां, जोधाराम इन्सां, चंचल सिंह इन्सां, दर्शन सिंह इन्सां, विजय इन्सां, संतलाल इन्सां, जसविंद्र इन्सां, भागाराम इन्सां, अंकित इन्सां, मोहित इन्सां उपस्थित थे।
आज समाज में जहां हर कोई बेटों की ही चाहत रखता है कि हमारे घर लड़का ही हो जो हमारे बुढ़ापे में हमारा सहारा बने। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने इस रूढ़ीवादी सोच को बदलते हुए बेटा-बेटी एक समान मुहिम की शुरूआत की। इसी मुहिम का असर गत दिनों
नागपुर में देखने को मिला जहां एक बेटी ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। संवाददाता से बात करते हुए 25 मैंबर रघुबीर इन्सां ने बताया कि बहन प्रमिलारम्भाड इन्सां ने एक बेटी होने का फर्ज अदा करते हुए अपने मां-बाप को संभाल की और गत दिनों उनकी माता कौशल्या बाई वरुड़कर जब श्वासों रूपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजी तो प्रमिला इन्सां व उनकी बहन निर्मला इन्सां ने उनकी अर्थी को कंधा व मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज अदा किया। बता दें कि माता जी भंगीदास संजय इन्सां की नानी सास थी। वहीं पूज्य गुरु जी इस मुहिम की समाज के गणमान्य लोगों ने सराहना भी की।
बींझबायला में माता रेशमा देवी की देहदान
कुछ लोग जीते जी जहां मानवता की सेवा में अग्रणी रहते हैं वहीं मरणोपरांत भी ऐसा काम कर जाते हैं जोकि मानवता के काम आने के साथ साथ मरने के बाद भी आमजन के लिए मिशाल बन जाती है। इसी कड़ी में ब्लॉक श्रीगुरूसरमोड़िया की मण्ड़ी बींझबायला निवासी सोनी परिवार ने मरणोपरांत अपनी माता रेश्मा देवी का शरीरदान कर अनुकरणीय कार्य की मिशाल पेश की है। ज्ञातव्य है कि बींझबायला निवासी सरकारी अध्यापक के पद पर सेवाएं दे रहे अशोक सोनी इन्सां की माता रेश्मा देवी इन्सां धर्मपत्नी मास्टर कृष्ण लाल सोनी अपने स्वासों रूपी पूंजी को पूरा करते हुए गुरुवार को मालिक के चरणों में सचखण्ड जा समाई। उनकी अन्तिम इच्छा को देखते उनके पुत्र अशोक इन्सां ने उनका शरीर मेडीकल कार्यों में रिसर्च हेतु डॉ.एस.एस. टांटिया मेडिकल हास्पिटल व रिसर्च सैन्टर श्रीगंगानगर को दान कर दिया।
जिस पर अब डॉक्टर का कोर्स कर रहे छात्र-छात्राएं अनुसंधान कर सकेंगे। माता की अर्थी को उनकी बेटियों निर्मला इन्सां व सन्तोष इन्सां ने कंधा दिया। वहीं मण्ड़ी के मुख्य मार्गों से उनकी दधीचि निकाली गई। इस दौरान माता रेश्मा इन्सां अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा, माता रेश्मा इन्सां का नाम रहेगा के नारों से आसमान गुंजायमान हो गया।
यह बींझबायला का तीसरा शरीरदान हैं। इस अवसर पर ब्लॉक श्रीगुरूसर
मोड़िया के पन्द्रह मैम्बर सोहन सिंह इन्सां, राजेंद्र कम्बोज इन्सां,
सुखनिन्द्र सिंह इन्सां, गुरनाम सिंह इन्सां, प्रकाश इन्सां, ब्लॉक भंगीदास
अमरजीत सोनी इन्सां, गुरदयाल इन्सां, राकेश बिलन्दी इन्सां, साहिल बिलन्दी
इन्सां, सुखदेव सिंह इन्सां, साहबराम छिम्पा, बहन सुमन बिलन्दी इन्सां,
पूजा चावला इन्सां, सुमन रस्सेवट इन्सां, संतोष कटारिया इन्सां सहित कई
नागरिक उपस्थित रहे।
माता रामकौर इन्सां बनी शरीरदानी, बेटी, बहूओं ने दिया अर्थी को कंधा
कैथल डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी न सिर्फ जीते जी बल्कि इस जहां से रूखस्त होने के बाद भी इन्सानियत के काम आते हैं। इसी क्रम में ब्लॉक चीका मंडी के गांव खरौदी में माता रामकौर इन्सां पत्नी स्व. मुकन्द इन्सां के मरणोपरांत उनकी पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च हेतु वैंकंठश्वरा इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस सेंटर को दान की गई। जानकारी देते हुए छोटे बेटे अमरदास इन्सां 15 मैंबर ने बताया कि पूज्य गुरु की पावन प्रेरणा पर चलते हुए उन्होंने अपनी माता की अन्तिम इच्छा अनुसार उनकी पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दी।इसके साथ ही सामाजिक बुराइयों
को तोड़ते हुए माता रामकौर इन्सां बेटी तथा बहूओं ने उनकी अर्थी को कंधा
दिया। शरीरदानी माता रामकौर इन्सां अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़कर गई
हैं, जिसमें चार बेटे, एक बेटी व पोते-पोतियों शामिल हैं। इस मौके पर डेरा
सच्चा सौदा सरसा से 45 मैंबर संदीप अन्नू, धर्मवीर इन्सां, जोगिन्द्र
इन्सां, राजेन्द्र इन्सां, दारा इन्सां, 45 मैंबर बहन रेणू इन्सां, शाह
सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार सहित साध-संगत मौजूद
रही।
Friday, September 24, 2021
सैलून को गलत बाल काटना पड़ा महंगा, 2 करोड़ की लगी चपत
दिल्ली के एक सलून को महिला मॉडल के बाल गलत तरीके से काटना महंगा पड़ गया है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग ने सलून को उस महिला को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। सैलून को यह राशि आठ सप्ताह यानि दो महीने में भुगतान का आदेश दिया। शिकायत के मुताबिक अप्रैल 2018 में आशना अपने इंटरव्यू से एक हफ्ते पहले दिल्ली के एक होटल में स्थित हेयर सलून में गई थी, जहां उसने हेयर ड्रेसर को आगे से लंबे ‘फ्लिक्स’ रखने और पीछे से बालों को चार इंच काटने को कहा। लेकिन आशना ने आरोप लगाया कि हेयर ड्रेसर ने उसकी बात अनसुनी करते हुए महज चार इंच बाल छोड़कर लंबे बालों को पूरी तरह से काट दिया।
इस बारे में उसने प्रबंधन से शिकायत भी की। इस पर प्रबंधन ने नि:शुल्क हेयर ट्रीटमेंट करने की बात कही। आशना का दावा है कि इस दौरान प्रोडक्ट में अमोनिया की मात्रा ज्यादा होने के कारण उसके बालों को नुकसान पहुंचा। आशना ने आयोग से उन्हें 3 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया था। आयोग के अध्यक्ष आर.के. अग्रवाल और सदस्य डॉ. एसएम कांतिकर की पीठ ने कहा कि महिलाओं को अपने बालों का बहुत ख्याल रहता है और उनका ध्यान रखने के लिए वे काफी पैसे खर्च करती हैं।
उनका बालों से भावनात्मक लगाव होता है। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता आशना रॉय अपने लंबे और सुंदर बालों के कारण ‘हेयर प्रोडक्ट’ की मॉडल थीं और उन्होंने कई बड़े ‘हेयर-केयर ब्रांड’ के लिए मॉडलिंग की है। सलून की गलती से उन्हें अपने काम से हाथ धोना पड़ा। आयोग के कहा कि इसके अलावा होटल ‘हेयर ट्रीटमेंट’ में लापरवाही करने का भी दोषी है। इससे उनका स्कैल्प जल गया और कर्मचारियों की गलती के कारण अभी भी उसे एलर्जी और खुजली की समस्या हुई।
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Thursday, September 23, 2021
Wednesday, September 22, 2021
मंदबुद्धि लोगों का इलाज करवाकर उनके घर पहुंचाने का कार्य जारी
मानवता भलाई के कार्य करने के लिए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी दिन रात की बिना परवाह किये हरदम तैयार है। गांव में घूम रहे मंदबुद्धि लोगों का इलाज करवाकर उनके घर पहुंचाने का कार्य लगातार जारी किया हुआ है। पूज्य गुरु गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां द्वारा बनाई गई शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के योद्धा इन कार्यो को निष्ठापूर्वक कर रहे है। इसी के चलते केसरीसिंहपुर के सेवादार भी इन कार्यो के लिए दिन रात एक कर रहे है। पूर्व 85 अधेड़ व बिछुड़े लोगो को अपने परिवार से मिला चुके है। संयुक्त टीम का यह 85वां प्रयास था, जिसमें वह सफल हुए। मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले एक व्यक्ति 4वीं के पास घूमता हुआ पाया गया। इस व्यक्ति को बाजीगर मोहल्ले के जसवीर ने शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के जुम्मेवार भाई राजेंद्र कुमार इन्सां के पास पहुंचाया। राजेंद्र इन्सां ने अपनी पहचान वह अन्य सूत्रों से सुराग निकाला, तो उसकी पहचान ईलाअजीम हुई। घर का पता लगाकर उनके नजदीकी थाने को सूचना दी गई। आज उनके भाई संतोष कुमार व उनके पिता पीरगुलाब उन्हें लेने केसरीसिंहपुर पहुंचे। अपने पुत्र को वर्षो बाद देख पिता की आखें नम हो गयी। भाई संतोष कुमार व ईलाअजीम के पिता ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सेवादार धन्य है जिनका मुख्य उद्देश्य मात्र सेवा है। कानूनी प्रक्रिया के बाद को उनके परिवार के हवाले कर दिया गया। सरकारी परमिशन के बाद उनहे रवाना किया गया। प्रशासन ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु के अनुयायियों की मानवता कार्यो की प्रशंसा की। राजेंद्र इन्सां सहित इस मानवता भलाई के कार्य में जगसीर इन्सां, महेंद्र इन्सां, पूर्ण इन्सां, अशोक इन्सां, देशराज इन्सां, अरुण इन्सां, जतिन इन्सां, तरुण इन्सां बहने सरोज इन्सां, सुजान बहन सरोज इन्सां, सीमा इन्सां का सहयोग रहा।








